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मंगलवार, 22 नवंबर 2022

लघुकथा के शिल्प पर एक प्रयोग

कुछ माह पहले लघुकथा के शिल्प पर एक प्रयोग यह भी किया था. सफल-असफल तो पता नहीं, केवल छोटा-मोटा प्रयोग है. आप सभी की सलाहों का स्वागत है.

इस रचना में काफी कालखंडों को भी समेटने की कोशिश की है. अतः थोड़ी मेहनत तो करनी पड़ी और असफल होने की गुंजाइश भी पूरी है. उसका डर नहीं है. यह तो केवल एक प्रयोग सा है. मेरे अनुसार भी इस लघुकथा पर बहुत सारा काम बाकी है.

(‘गणितीय टेबल शिल्प में बढ़ती लघुकथा’ के प्रयोग का दूसरा ड्राफ्ट)

टेबल के बाद... / चंद्रेश कुमार छतलानी

टू वन जा टू : दो साल की हो गई गुड़िया आज, चलना सीख रही है, माता-पिता बहुत खुश हैं.
टू टू जा फोर : आज चार साल की होकर माता-पिता को रिझा रही है. पढ़ना सीख रही है.
टू थ्री जा सिक्स : छः साल की हुई और स्कूल में फर्स्ट आई है. माता-पिता घमंड से खड़े हैं.
टू फोर जा एट : आठ साल की घर पर उसके दोस्त ही दोस्त हैं. माता-पिता उसके साथ एन्जॉय कर रहे हैं.
टू फाइव जा टेन : दस साल की हो गई, इस बार दोस्तों के साथ बाहर है. माता-पिता घर में अकेले हैं.
टू सिक्स जा ट्वेल्व : माँ की दोस्त बारह साल की हो गई, आज दिन भर फोन पर व्यस्त रही. माता-पिता से बात भी नहीं कर पाई.
टू सेवन जा फोर्टीन : स्कूल के एक दोस्त के साथ आज जन्मदिन मना रही है. रात देर से आई. माता-पिता इंतज़ार करते रहे.
टू एट जा सिक्सटीन : आज कह दिया कि अब उसकी ज़िन्दगी वह उसके हिसाब से ही जियेगी. माता-पिता कुछ दखल नहीं देंगे.
टू नाइन जा एटीन : व्यस्क होकर अपने किसी दोस्त के साथ लिव-इन में चली गई. माता-पिता देखते रह गए.
टू टेन जा ट्वेंटी : जिसके साथ रह रही थी, वह किसी और लड़की के साथ चला गया, माता-पिता की आँखें पत्थर जैसी हो गई हैं, और गुडिया...
वह अब आगे गिनने के लिए नहीं है.
-0-

(इसमें हालांकि //टू वन जा टू// वाली पंक्तियों में 'जा' सही न होते हुए भी अब बोलचाल में आ गया है, इसलिए उपयोग में लिया.)

- चंद्रेश कुमार छतलानी

25 टिप्‍पणियां:

  1. यह भी एक सार्थक प्रयास है सर👏👏🙏
    गुड़िया को जब तक गुड़िया बनाया जाता रहेगा तब तक उसमें विवेक का बीजारोपण नही किया जा सकता।

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  2. यह भी एक सार्थक प्रयास है सर👏👏🙏
    गुड़िया को जब तक गुड़िया बनाया जाता रहेगा तब तक उसमें विवेक का बीजारोपण नही किया जा सकता।

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  3. प्रतिभा पाण्डे22 नवंबर 2022 को 8:12 pm बजे

    आह और वाह। मै व्यक्तिगत रूप से सिर्फ प्रयोग के नाम पर प्रयोग करने, कथ्य को बोझिल बनाने और संप्रेषणीयता के साथ समझौता करने की पक्षधर नहीं हूँ पर कहन के इस अंदाज़ ने सच मे चकित कर दिया

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  4. आदाब। दो साल की गुड़िया का दो का पहाड़ा बनाम ज़िंदगी के पड़ावों पर ज़िन्दगीनामे पर बढ़िया विचारोत्तेजक प्रयोग। हार्दिक बधाई।

    एक आइडिया/सुझाव : टेबल रटने की कला अनुसार बोला जाने वाला 'ज़' दरअसल "s(ज़)+ are (आ/आर)(= ज़ा)" है.: "Two TWOs are Four". तो बेहतर होगा कि उप -शीर्षकों में : "टू टूज़ आर (आ) फ़ोर।"【ज़+आ (आर)= ज़ा】लिखा जाये।
    -शेख़ शहज़ाद उस्मानी, शिवपुरी (मध्यप्रदेश)

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  5. हार्दिक आभार आपका सर। आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूँ। हालांकि, यह बात मैंने अपनी पोस्ट में पहले ही लिख दी थी कि चूंकि 'जा' अब प्रचलन में है इसलिए गलत अंग्रेज़ी होते हुए भी लिखा ताकि आम व्यक्ति को भी समझ में आ जाए। सादर

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  6. बढ़िया, वर्तमान का सत्य

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  7. सीधी सच्ची बात को कहने का यह नया अंदाज़ बहुत रोचक लगा। यह टिप्पणी भी बहुत पसन्द आई कि गुड़िया को गुड़िया बनाना बन्द करना होगा अब।

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  8. लघुकथा में नये प्रयोगों का सर्वथा स्वागत है ।मैंने अंग्रेज़ी के पहाड़े में गुड़िया की ज़िन्दगी का पहाड़ा पढ़ा । अच्छा प्रयोग जो संक्षिप्त में आज की बड़ी होती गुड़िया के कल आज और कल को रेखांकित कर रही है । गुड़िया को अपने जीवन पर बहुत काम करना है ।जो सकारात्मक नतीजा दे ।

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  9. सच में उचित प्रयोग। पहले यह कालखण्ड के बैरियर नहीं थे। अनेक नामी लेखकों ने इस बैरियर के शानदार लघुकथाएँ प्रस्तुत की थीं। आपका प्रयोग बेहद सराहनीय।
    खूबसूरती के साथ आज की सच बयानी...

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  10. अच्छा प्रयोग है, पूर्णतः संप्रेषित, आप जो कहना चाह रहे स्पष्ट एवं प्रभावी है।
    पवन जैन।

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  11. शानदार प्रायोगिक लघुकथा है यह। वर्तमान परिवेश व ज़िंदगी का पहाड़े का चित्र खींच दिया है आपने।👌💐

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  12. प्रयोग अनोखा है बधाई।
    एक प्रश्न परेशान कर रहा है। लघु कथा एक पल की कहानी कहती है पूरे जीवन की नहीं!!??

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    उत्तर
    1. हार्दिक आभार आपका. लघुकथा का स्वरूप एकांगी ही होता है, जिसे एक कालखंड में दर्शाना होता है. एक से अधिक कालखंडों को कभी फ़्लैशबैक, कभी डायरी शैली तो कभी कुछ और तरीके से दर्शाया जा सकता है. यहाँ एक से अधिक कालखंडों को दर्शाने के लिए पहाड़े (टेबल) का प्रयोग किया गया है, जिसे हम एक बार ही में कहते हैं. अर्थात टेबल को कहना एक कालखंड हुआ और उसके जरिए जीवन के एक भाव को एक से अधिक कालखंडों के जरिए बताया. यह लघुकथा में बिलकुल स्वीकृत है. सादर,

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  13. अच्छी जानकारी !! आपकी अगली पोस्ट का इंतजार नहीं कर सकता!
    greetings from malaysia
    let's be friend

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